Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / लखनऊ / मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जारी किया निकाह का नया इकरार नामा, देशभर की मस्जिदों में उलमा ने पढ़कर सुनाया

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जारी किया निकाह का नया इकरार नामा, देशभर की मस्जिदों में उलमा ने पढ़कर सुनाया


-निकाह को आसान बनाने, दहेज का बहिष्कार करने और शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए जारी किया गया इकरारनामा–

-लखनऊ में जुमे की नमाज से पहले नमाजियों को संबोधित करते हुए मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मुसलमानों से अपील की निकाह सुन्नत तरीके से किया जाए–

लखनऊ, 02 अप्रैल 2021, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अब निकाह को आसान बनाने, दहेज का बहिष्कार करने और शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए इकरारनामा जारी किया है, 11 बिंदुओं वाले इकरारनामे से फिजूलखर्ची रुकेगी, जबकि निकाह सादगी के साथ हो सकेगा, इसमें मैरिज हॉल के बजाय मस्जिदों में सादगी से निकाह करने, सिर्फ बाहर से आने वाले मेहमानों व घर वालों के लिए ही दावत का इंतजाम किए जाने की भी अपील की गई है, निकाह में गलत रस्मों को खत्म करने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 10 दिवसीय अभियान शुरू किया है, छह अप्रैल तक चलने वाले अभियान के तहत बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सय्यद राबे हसनी नदवी व महासचिव मौलाना वली रहमानी ने इकरारनामा जारी किया है, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने इकरारनामा जारी करते हुए मस्जिदों के इमामों से अपील की है कि इस इकरारनामें को जुमे की नमाज के दौरान होने वाले ख़ुतबे में मुसलमानों को पढ़कर सुनाया जाये, बोर्ड की अपील का मुसलमानों ने भरपूर समर्थन किया, जिसको शुक्रवार यानि जुम्मे के खुतबे से पहले देश भर की मस्जिदों में उलमा ने पढ़कर सुनाया और बहुत सी मस्जिदों में नमाज के बाद मुसलमानों ने इस इकरारनामा पर हस्ताक्षर करके इस मुहिम को सफल बनाने का संकल्प लिया, इसी संबंध में जामा मस्जिद ईदगाह ऐशबाग लखनऊ में जुमे की नमाज से पहले नमाजियों को संबोधित करते हुए इमाम ईदगाह लखनऊ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली चेयरमैन इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने मुसलमानों से अपील की कि निकाह सुन्नत तरीके से किया जाए, क्योंकि निकाह किसी रस्म का नाम नहीं बल्कि उसको एक इबादत का दर्जा प्राप्त है, लिहाजा किसी भी इबादत में नाजायज या हराम काम नहीं किया जा सकता, इस इकरारनामा के माध्यम से मुसलमानों को बोर्ड ने ये भी सलाह दी कि निकाह के प्रोग्राम या वलीमा में किसी भी प्रकार का नाच गाना या आतिशबाजी बिल्कुल न की जाए, निकाह समारोह को सादगी के साथ कम खर्च में किया जाए और वक्त की पाबंदी का भी विशेष ध्यान रखा जाए, इस इकरार नामे में ये भी जोर दिया गया कि इस्लामी शरीयत के आदेश के मुताबिक दूल्हे को चाहिए कि वो दुल्हन का महर तुरंत अदा करें और इस बात को भी सुनिश्चित करें कि निकाह के बाद शरीयत के अनुसार अच्छे माहौल में मियां बीवी अपना जीवन बिताएंगे, अपनी पत्नी के साथ उच्च से उच्च व्यवहार को भी सुनिश्चित बनाएं, अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास करें, मौलाना फरंगी महली ने इस अवसर पर इस बात पर भी जोर दिया कि शरीयत के अनुसार बेटियों को विरासत में जो अधिकार मिला है उससे उनको महरूम करके गुनहगार ना बने, बल्कि बेटियों को शरई अधिकार जरूर दें, नमाज के बाद एक बोर्ड पर इस इकरारनामे को लगाया गया, जिस पर नमाजियों ने हस्ताक्षर करके अपना समर्थन दिया।

रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी

About Janadhikar Media

Janadhikar Media

Check Also

लखनऊ में श्मशान हुए फुल तो दाह संस्कार के लिए ढूंढे नए स्थान, दो घाटों पर 173 चिताएं जलीं

🔊 पोस्ट को सुनें -लखनऊ में खदरा के बैरियर नंबर 2 के पास गोमती किनारे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Naat Sharif Download Website Designer Freelance WordPress Developer All Lucknow Services Portal