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गीता केवल धर्मग्रंथ नहीं, मानव जीवन का सनातन मार्गदर्शक शास्त्र है : डॉ. गोपाल शरण जी महाराज


 

गीता केवल धर्मग्रंथ नहीं, मानव जीवन का सनातन मार्गदर्शक शास्त्र है : डॉ. गोपाल शरण जी महाराज

योग ही वह मार्ग है जो साधक को गीता के सार कर्म, भक्ति और ज्ञान के वास्तविक अनुभव की ओर ले जाता है: सोनम गुप्ता

गीता मनुष्य के भीतर आलोक को प्रज्वलित करने वाला दिव्य ग्रंथ : प्रदीप पांडेय

मातृभूमि सेवा मिशन इकाई रायबरेली परिवार के बैनर तले हुआ भव्य आध्यात्मिक आयोजन

रायबरेली। मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की मोक्षदा एकादशी के पावन अवसर पर सोमवार, 1 दिसंबर को प्रातः 6 बजे मातृभूमि सेवा मिशन इकाई रायबरेली के बैनर तले शहीद स्मारक परिसर में आयोजित श्रीमद् भगवद्गीता जयंती समारोह का शुभारंभ वृंदावन धाम से पधारे प्रख्यात श्रीमद्भागवत कथा वाचक डॉ. गोपाल शरण जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण करते हुए किया। उन्होंने 21वीं सदी में दुनिया में गीता के महत्व पर व्याख्यान देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का सनातन मार्गदर्शक शास्त्र है, जो मनुष्य को कर्तव्य, सत्य, नैतिकता और धर्म के पथ पर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि शास्त्र का अध्ययन करने से पहले उसका श्रवण अवश्य करना चाहिए, क्योंकि श्रवण भाव को जागृत करता है और अध्ययन जीवन को दिशा देता है। अर्जुन के विषाद प्रसंग का उल्लेख करते हुए डॉ. गोपाल शरण जी महाराज ने कहा कि आज ही के दिन धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया था, वह केवल युद्धभूमि का संदेश नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए अमर, कालजयी और सार्वभौमिक मार्गदर्शन है। बताते चलें कि यह आयोजन धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र (हरियाणा) से संचालित अध्यात्म प्रेरित सेवा संस्थान के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्रा की प्रेरणा से देशभर में गीता जयंती पर विशेष आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन एवं संयोजन इकाई के संयोजक प्रदीप पांडेय के द्वारा किया गया। इकाई के संरक्षक एवं समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि गीता का संदेश समाज को नैतिकता, मानवता और कर्तव्यबोध की ओर प्रेरित करता है। समारोह के उपरांत डॉ. गोपाल शरण जी महाराज शहीद स्मारक परिसर स्थित श्री संकट मोचन मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बालरूप हनुमान की अलौकिक छवि के दर्शन कर पांच घी के दीप प्रज्वलित किए। उन्होंने मंदिर प्रांगण को दिव्य, पवित्र एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि हनुमान जी भक्ति और पराक्रम के सर्वोत्तम स्वरूप हैं, जो प्रत्येक साधक में दिव्य शक्ति, साहस और आत्मबल का संचार करते हैं। इसके पूर्व प्रातः भोर से ही सई नदी तट के निकट मुंशीगंज स्थित राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थल शहीद स्मारक परिसर में भारी संख्या में योग साधक एवं श्रद्धालु एकत्र हुए। यहाँ एक घंटे तक चले योग शिविर का नेतृत्व वरिष्ठ योग प्रशिक्षिका श्रीमती सोनम गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि गीता जयंती पर योगाभ्यास आत्मशुद्धि एवं मन–बुद्धि के संतुलन का सर्वोत्तम माध्यम है, क्योंकि योग ही वह मार्ग है जो साधक को गीता के सार कर्म, भक्ति और ज्ञान के वास्तविक अनुभव की ओर ले जाता है। उनके निर्देशन में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों ने विधिवत आसन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। इस बीच संयोजक प्रदीप पांडेय ने गीता जयंती पर कहा कि गीता मनुष्य के भीतर स्थित आलोक को प्रज्वलित करने वाला वह दिव्य ग्रंथ है, जो जीवन के प्रत्येक मोड़ पर सही निर्णय, दृढ़ संकल्प और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है। गीता का सार है— निष्काम कर्म, सत्य पर अडिग रहना और धर्म–समर्पित जीवन जीना। समाज में शांति, सद्भाव और कर्तव्यबोध को स्थापित करने का सर्वोत्तम माध्यम आज भी गीता ही है। गीता जयंती समारोह में विशेष अतिथि के रूप में अमर नगर से योग प्रशिक्षिका श्रीमती स्वाती सिंह एवं शिक्षक विनीत सिंह उपस्थित रहे। श्री महाराज एवं अतिथियों का स्वागत सोनम गुप्ता एवं साधकों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर, भगवान श्रीराम की बालरूप छवि, अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर किया गया। संरक्षक महेंद्र अग्रवाल ने डॉ. गोपाल शरण जी महाराज को गीता जी की पुस्तक भेंट की। इसके अलावा संयोजक प्रदीप पांडेय, पं. रामराज गिरी, अजय मिश्रा, राकेश तिवारी, राकेश यादव, अनूप शर्मा, राज अग्रहरि एवं प्रो. डॉ. संजय सिंह ने महाराज का सम्मान भगवान श्रीराम की छवि एवं अंगवस्त्र भेंटकर किया।कार्यक्रम के समापन पर आयोजक–संयोजक प्रदीप पांडेय ने सभी आगंतुकों, योग साधकों, कटैया फिजिकल अकादमी के श्रवण पटेल एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गीता जयंती का यह आध्यात्मिक उत्सव समाज में धर्म, सत्य और मानवता की नई चेतना जगाने वाला सिद्ध होगा। योग सत्र का सफल संचालन योग प्रशिक्षिका श्रीमती सोनम गुप्ता, योग प्रशिक्षक अनूप शर्मा एवं योग प्रशिक्षक राज अग्रहरि ने किया। इस अवसर पर प्रो. डॉ. संजय सिंह, इकाई के संरक्षक एवं समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल,संरक्षक रामराज गिरी,अजय मिश्रा, के अलावा गीता जयंती समारोह में सहयोगी कटैया फिजिकल अकादमिक से श्रवण पटेल, योग साधिकाएं माया देवी, संजू, पूनम सिंह, रीना मिश्रा, कनक मिश्रा, श्रीमती रश्मि पांडेय, सुमन यादव सहित वरिष्ठ योग साधकों में समाजसेवी राकेश यादव, प्रकाश, शिवचंद्र पांडेय, दिनेश मिश्रा, दिनेश पांडेय, शिवेंद्र गुप्ता, आशीष यादव, अवधेश सिंह, पूनम सिंह, सचिन अग्रहरि, आर.के. द्विवेदी, पत्रकार राजेश पांडेय एवं राघवेंद्र द्विवेदी की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन इकाई रायबरेली से अवध क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष भगवत प्रताप सिंह ने किया।

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