आवारा कुत्तों का आतंक, नवंबर में 40 और सालभर में 1670 लोग बने शिकार
जगतपुर ,रायबरेली
कस्बे और आसपास के गांवों में आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर माह में 40 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि एक वर्ष में यह संख्या 1670 तक पहुंच गई है।
जगतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन कई लोग कुत्तों के काटने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकतर मामलों में बच्चे और महिलाएं बुजुर्ग ,युवा शिकार बन रहे हैं।
मंगलवार को अशोक कुमार पुत्र राम आसरे उम्र 67 वर्ष निवासी रघुराईगंज व़ आलोक पुत्र संजय उम्र 18 वर्ष को आवारा कुत्ते ने काट लिया । सीएससी में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया
स्थानीय निवासियों जगदेव रामपाल, पंकज ,सुरेश,देवता दिन , राजन , कामता प्रसाद आदि का कहना है कि गलियों और बाजारों में झुंड के रूप में घूमते कुत्ते राहगीरों और स्कूली बच्चों पर हमला कर देते हैं। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की।
आवारा कुत्ते आक्रामक होकर काटने की संख्या बढ़ रही है सावधानी बरतनी चाहिए। कुत्ता काटने पर तुरंत एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाना चाहिए।
वही सीएचसी के अधीक्षक एलपी सोनकर ने बताया कि सीएचसी में कुत्ते काटने के लगभग 4 से 5 पेशेंट रोज आते हैं जिनको एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है और उन्हें अगली डेट के लिए बुलाया जाता है
वही सीएचसी के फार्मासिस्ट अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि सीएचसी में कुत्ते के काटने से आए हुए मरीजों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता और उन्हें उपहोगी दावा भी जाती है और उन्हें अगली डेट के लिए बुलाया जाता है
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