साधारण परिवार से निकलकर पति-पत्नी बने मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी

ट्यूशन पढ़ाकर की तैयारी, विभागीय परीक्षा में पाई ऑल इंडिया रैंक
रायबरेली। जिनके हौसलों में उड़ान होती है, उन्हें मंज़िलें सलाम करती हैं।” ऐसा ही करके दिखाया है। साधारण परिवेश से निकलकर देश की राजधानी में मंत्रालय स्तर पर अधिकारी बनना आसान नहीं होता, लेकिन इंदिरा नगर, रायबरेली के निवासी सुयश प्रताप सिंह और उनकी पत्नी शिवांगी सिंह ने यह असंभव सा दिखने वाला सपना अपने अथक परिश्रम और दृढ़ संकल्प से साकार कर दिखाया है। दोनों वर्तमान में भारत सरकार के मंत्रालयों में अनुभाग अधिकारी (राजपत्रित) के पद पर कार्यरत हैं। सुयश उपभोक्ता मामले विभाग, जबकि शिवांगी सूचना और प्रसारण मंत्रालय में तैनात हैं। संघर्ष की जमीन से सफलता की उड़ान
सुयश प्रताप सिंह का जीवन उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं। 2012 में हाईस्कूल में 81 प्रतिशत और 2014 में इंटरमीडिएट (विज्ञान वर्ग) में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद उन्होंने आईआईटी की तैयारी के लिए एक वर्ष का अवकाश लिया, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते परीक्षा नहीं दे सके। परिस्थितियों को स्वीकारते हुए उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से बीए में दाखिला लिया और पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शुरू की।
2015 में उन्होंने वायुसेना की परीक्षा पास की, लेकिन चिकित्सकीय आधार पर चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 2016 में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2162 प्राप्त हुई और 2018 में पश्चिम बंगाल में डाक सहायक पद पर नियुक्त हुए। नौकरी के साथ ही पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने वर्ष 2024 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित विभागीय परीक्षा (सीएसएसएस – अनुभाग अधिकारी ग्रेड) में ऑल इंडिया रैंक 154 के साथ चयन प्राप्त कर केंद्रीय सचिवालय सेवा में गजटेड अधिकारी बनकर जिले का मान बढ़ाया।
पत्नी शिवांगी भी बनीं उदाहरण
उनकी पत्नी शिवांगी सिंह ने भी अपनी शिक्षा और परिश्रम से यह सिद्ध किया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। मेरठ के आर्मी पब्लिक स्कूल से दसवीं में 95% और बारहवीं में 92% अंक प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से संगणक विज्ञान (कंप्यूटर साइंस) में बीटेक किया। इसके बाद 2018 में एसएससी सीजीएल परीक्षा पास कर वे 2021 से भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत हैं। 2024 में उन्होंने भी विभागीय परीक्षा पास कर अनुभाग अधिकारी के पद पर पदोन्नति प्राप्त की।
प्रेरणा बन रहे युवा दंपती
सुयश और शिवांगी, दोनों की यह यात्रा यह बताती है कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर, तो सफलता अवश्य मिलती है। ट्यूशन से लेकर मंत्रालय तक का यह सफर सिर्फ एक दंपती की नहीं, बल्कि उस उम्मीद की कहानी है जो हर छोटे शहर के युवा के दिल में पलती है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि ईमानदारी, समर्पण और धैर्य से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है।
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