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श्रेष्ठ सिंह चौहान ने सीबीएसई इंटर की परीक्षा में हासिल किए 90 प्रतिशत नंबर


श्रेष्ठ सिंह चौहान ने सीबीएसई इंटर की परीक्षा में हासिल किए 90 प्रतिशत नंबर

 

रायबरेली। “होनहार बिरवान के होत चिकने पात” एक लोकोक्ति है जिसका अर्थ कि प्रतिभा या गुण बचपन से ही दिखाई देते हैं। इसका मतलब है कि जो व्यक्ति बाद में महान बनने वाला होता है, उसकी प्रतिभा छोटी उम्र में ही झलकने लगती है। ऐसा श्रेष्ठ जो नाम से ही नहीं अपने गुणों से भी श्रेष्ठतम है। ऐसा हम नहीं श्रेष्ठ की मां जो राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं वह कहती हैं। श्रेष्ठ केंद्रीय विद्यालय के विज्ञान वर्ग के इंटरमीडिएट के छात्र हैं। श्रेष्ठ का कहना है कि यह सफलता कड़ी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन से उन्हें हाथ लगी है।

 

विषयों पर पकड़:

 

श्रेष्ठ का कहना है कि कोई भी विषय कठिन नहीं होता चाहे गणित, विज्ञान या अंग्रेजी हो अगर उस विषय पर पूरी पकड़ बनाकर अध्ययन किया जाए तो परीक्षा में ऐसा कुछ नहीं आता जो पुस्तक में ना हो और गुरु ने बताया ना हो।

 

मोबाइल का इस्तेमाल किया पर सोशल मीडिया से दूर रहे:

 

श्रेष्ठ चौहान ने बताया कि वह मोबाइल का इस्तेमाल अपनी विषय सम्बंधित परेशानियों से निपटने के लिए साथ ही गूगल, जेमिनी असिस्टेंट का सहारा भी लेते थे पर इंस्टाग्राम फेसबुक व्हाट्सएप आदि से हुई दूर रहे।

 

गुरु और माता-पिता के मार्गदर्शन को गंभीरता से लिया:

 

श्रेष्ठ बताते हैं कि स्कूल में गुरु के मार्गदर्शन और गृह कार्य में दिए गए कार्य को समय से पूरा करके स्मरण करते थे। साथ ही माता-पिता के आदेशों को भी शिरोधार्य करते रहें।

 

मां मंजरी ने क्या कहा:

 

श्रेष्ठ की मां मंजरी सिंह जो कि स्वयं एक शिक्षिका है उन्होंने कहा कि उनका पुत्र श्रेष्ठ बहुत ही आज्ञाकारी और अपनी जिम्मेदारियां को समझने वाला बालक है कभी भी पढ़ाई के लिए अलग से नहीं कहना पड़ता था वह अपनी पढ़ाई के लिए प्रातः 4:00 बजे उठकर स्मरण कार्य शुरू कर देता था और परीक्षा के दिनों में भी विशेष रूप से परीक्षा की तैयारी की।

 

पिता धीरेंद्र सिंह चौहान क्या कहते हैं:

 

श्रेष्ठ के पिता धीरेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि उन्होंने अपने पुत्र श्रेष्ठ को कभी भी बंदिशें में नहीं रखा ना ही किसी रोक-टोक की ही जरूरत पड़ी श्रेष्ठ खुद ही श्रेष्ठ है और उसने सीबीएसई की परीक्षा में 90% अंक लाकर अपनी श्रेष्ठता जग जाहिर कर दी।

 

श्रेष्ठ की आगे की तैयारी:

 

श्रेष्ठ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे डिफेंस या सिविल सेवाओं में अपनी सेवा देकर अपने देश अपने परिवार खानदान का नाम ऊंचा करेंगे।

 

खाने पीने के शौकीन है श्रेष्ठ:

 

श्रेष्ठ खाने पीने के विशेष शौकीन हैं होटल में पार्टी करना, परिवार के साथ घूमना फिरना उनका विशेष शौक है पर फिजूल खर्ची से दूर रहते हैं। शादी विवाह और पार्टियों में माता-पिता के लिए कपड़ों की खरीदारी करना उनका विशेष शौक है। श्रेष्ठ चौहान ने यह बात स्वीकार की है कि माता-पिता उनके लिए धरती पर भगवान का रूप है और श्रेष्ठ हमेशा यह प्रयास करते रहते हैं उनके माता-पिता के मुख पर हमेशा मुस्कान बनी रहे जिसका कारण वह श्रेष्ठ बने।

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