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आठ माह का खत्म हुआ इंतजार, खुले आस्था के द्वार


आठ माह का खत्म हुआ इंतजार, खुले आस्था के द्वार

श्रद्धालुओं को करना होगा आरोग्य सेतू एप का इस्तेमाल

पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री हंसराज अहीर ने चंद्रपूर की आराध्य दैवत माता महाकाली व प्राचीन अंचलेश्वर में पुजा अर्चना कर कोरोना दूर होने के लिए प्रार्थना की।

धार्मिक स्थलों को किया गया सैनिटाइज

चंद्रपूर महाराष्ट्र

कोरोना संक्रमण के चलते पिछले आठ महीनों से सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई थी।परंतु सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आदेश के बाद लंबे अंतराल से बंद राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को पूर्ववत खोला गया। इससे श्रद्धालुओं में खुशी की लहर छा गई । राज्य सरकार के आदेश के अनुसार श्रद्धालुओं को दिए गए गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें मंदिर में प्रवेश करने संबंध नियमित मास्क का इस्तेमाल तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार के आदेश का स्वागत करते हुए मन्दिर के बाहर परिसर में आतिशबाजी की।
जिलाअधिकारी ने चंद्रपुर के सभी धार्मिक स्थलों को सोमवार से कोरोना गाइडलाइन के साथ पूर्ववत खोलने के आदेश दिए। श्रद्धालुओं को आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करना अनिवार्य रहेगा।आठ माह से बंद धार्मिक स्थल खुलने से भक्तों में खुशी का माहौल है सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं की चहल पहल देखी गई ।हालांकि जिले के प्रतिबंधित क्षेत्रों में मात्र अभी भी पाबंदी लगी हुई है। प्रशासन के आदेश के बाद जिले की आराध्य दैवत महाकाली मंदिर की साफ-सफाई कर सैनिटाइजेशन किया गया। इस समय मन्दिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं को कोरोना गाइड लाइन के अनुसार मास्क लगाने की के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। इस दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और हाथों को सैनिटाइज करने के लिए कहा गया। मंदिर में दर्शन के लिए एक दो लोगों को ही छोड़ा गया। महाकाली मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री महाकाले ने बताया कि प्रशासन के सभी नियमों के साथ सावधानी के साथ प्रवेश दिया जा रहा है। इस बीच अंचलेश्वर परिसर में गुरुद्वारा को भी सैनिटाइजेशन किया गया।गांधी मार्ग स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च की भी साफ सफाई की गई परंतु दर्शनार्थी नजर नहीं आए।
धार्मिक स्थलों को किया गया सेनेटाइज
धार्मिक और प्रार्थना स्थलों को खोलने के समय के बारे में संबंधित कमेटी निर्णय लेगी। बच्चों -बुजुर्गों को छोड़कर अन्य सभी श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर पा रहे हैं। आरोग्य सेतु एप का प्रयोग भी बंधनकारी है । मंदिर व अन्य प्रार्थना स्थलों के प्रवेश द्वार पर ही थर्मल स्क्रीनिंग,सेनीटाइजर आदि को रखा गया है कोरोना से बचने की अपील भी की जा रही है। एक समय में कम से कम लोगों को भीतर प्रवेश के नियम का पालन किया जा रहा है पार्किंग में भी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्किंग किया गया है। प्रार्थना स्थल पर प्रवेश व निकासी का मार्ग अलग रखा गया है। पवित्र ग्रंथ व प्रतिमाओं को छूने पर प्रतिबंध लगाया गया है। भजन आरती नहीं हो रही है। श्रद्धालुओं को आसन घर से लाना अनिवार्य किया गया है।प्रार्थना स्थल परिसर में बार-बार सफाई और सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। मंदिर के सेवाकर्मियों की भी जांच कराई गई है। जिला प्रशासन सभी प्रार्थना स्थलों से प्रोटोकाल और नियमों के पालन का हलफनामा लिखवा रहा है।
संवाददाता महाराष्ट्र
किशोरी कांत चौधरी

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