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कुख्यात अपराधी को पकड़ने गई पुलिस टीम को घेरकर बरसाईं गोलियां, डीएसपी और तीन एस आई सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या


 

-किले जैसे घर की छत, जहां से बदमाशों ने पुलिस पर बरसाईं गोलियां–

-एक तरफ पुलिस पर कोरोना योद्धा के रूप में बरसाए जा रहें हैं फूल, वहीं विकास दुबे जैसे बदमाश बरसा रहें हैं पुलिस पर गोलियां–

-अब सवाल ये उठता है कि एके 47 जैसे शस्त्र से विकास दुबे के घर से चलाई गई गोलियां, गैर कानूनी तरीके से इस हथियार को रखने पर क्या इन बदमाशों पर आतंकवाद, उग्रवाद और देशद्रोह का मामला दर्ज होगा?

लखनऊ, 03 जुलाई 2020, जहां एक तरफ पूरे देश में पुलिस कर्मियों को कोरोना योद्धाआे के रूप में हो रही है फूलों के बारिशे वहीं कानपुर में शातिर अपराधी विकास दुबे और इसके साथियों द्वारा एके 47 मशीन गन से पुलिस पर बरसाई गईं गोलियां जी हां प्रदेश के कानपुर में शातिर अपराधियों ने गुरुवार रात 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी, अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना में डीएसपी स्तर के एक अधिकारी समेत, 3 सब इंस्पेक्टर, 4 सिपाही वीर गति को प्राप्त हुए हैं वहीं कई पुलिस वाले इस घटना में घायल भी बताए जा रहे हैं, घटना राजधानी लखनऊ से 150 किमी दूर कानपुर के डिकरु गांव में हुई है, तीन थानों की टीम कुख्यात अपराधी विकास दूबे को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी, विकास के नाम 60 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, हाल ही में विकास ने एक मर्डर किया था, इसी केस के सिलसिले में टीम उसे पकड़ने के लिए गांव पहुंची थी, कानपुर के पुलिस दिनेश कुमार ने बताया कि टीम अपराधी को गिरफ्तार करने के इरादे से गई थी लेकिन घात लगाकर बैठे अपराधियों ने पुलिस की टीम पर ही हमला कर दिया, हमारी टीम पर तीन तरफ से गोलीबारी हुई थी, उन्होंने कहा कि ये योजनाबद्ध तरीके से किया गया हमला था, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अपराधियों ने गांव की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया लेकिन पुलिस की टीम उसे हटाकर गांव पहुंचने में सफल रही थी, पुलिस के गांव में दाखिल होते ही अपराधियों ने छतो से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। खास बात ये है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का घर किले नुमा है। घर के चारों तरफ ऊंची दीवारें हैं जिससे घर के अंदर कोई देख नहीं सकता और छत से गांव के बाहर तक देखा जा सकता है। गुरुवार की रात को बदमाशों ने इसी का फायदा उठाया।
गुरुवार देर रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक जय नारायन सिंह ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस फायरिंग में चार और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस फायरिंग के बाद एसएसपी, तीन एसपी और एक दर्जन से अधिक थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस महानिदेश एचसी अवस्थी को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं, जानकारी के अनुसार सीएम दफ्तर ने इस मामले की रिपोर्ट भी मांगी है, पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास का एक लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, वो 2001 में बीजेपी नेता के कथित हत्याकांड में भी शामिल रह चुका है, इस मामले में उसे बरी कर दिया गया था।

कानपुर मुठभेड़ में इन पुलिसकर्मियों की हुई मौत..

वेंद्र कुमार मिश्र, सीओ बिल्हौर महेश यादव, एसओ शिवराजपुर अनूप कुमार, चौकी इंचार्ज मंधना नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर, सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर राहुल ,कांस्टेबल बिठूर जितेंद्र, कांस्टेबल बिठूर, बबलू कांस्टेबल बिठूर।

-अब सवाल ये उठता है कि एके 47 जैसे शास्त्र से विकास दुबे के घर से चलाई गई गोलियां, गैर कानूनी तरीके से इस हथियार को रखने पर क्या इन बदमाशों पर आतंकवाद, उग्रवाद और देशद्रोह का मामला दर्ज होता है या नहीं।

रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी

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